Meaning of

नक़्द

naqd • نقد

नकद; आलोचना; विश्लेषण

cash; critique; analysis

نقد; تنقید; تجزیہ

Arabic

जिन से नक़द मोहब्बत होती है "जस्सर" उन सेे बातें किस्तों में क्यूँ होती हैं — Avtar Singh Jasser
नक़द करूँँगा मैं ख़र्च ख़ुदको के फिर न कोई रसीद लूँगा तिरा हर इक नाज़नीं तसव्वुर मैं धड़कनों में ख़रीद लूँगा — Karal 'Maahi'

'नक़्द' मूल रूप से मुद्रा के प्रत्यक्ष और तात्कालिक लेन-देन को दर्शाता है। कविता में, यह आलोचना और विश्लेषण के क्षेत्र में विस्तारित होता है, जहाँ कवि भावनाओं और विचारों का सटीकता से विश्लेषण करता है।

'नक़्द' का उपयोग कवि मानवीय भावनाओं की परतों को खोजने के लिए करते हैं। यह समाज की तीखी आलोचना या आत्म-विश्लेषण को दर्शा सकता है।

कविता में, 'नक़्द' एक ऐसा दर्पण बन जाता है जो दुनिया और आत्मा दोनों को प्रतिबिंबित करता है, विचार के लिए आमंत्रित करता है।