Meaning of

नक़्स

naqs • بے اثر

दोष; खामी

defect; flaw

نقص; خامی

Arabic

नक़्शा ले कर हाथ में बच्चा है हैरान कैसे दीमक खा गई उस का हिन्दोस्तान — Nida Fazli
मेरी हर बात बे-असर ही रही नक़्स है कुछ मिरे बयान में क्या — Jaun Elia
रात भर उन का तसव्वुर दिल को तड़पाता रहा एक नक़्शा सामने आता रहा जाता रहा — Akhtar Shirani
पहले दिल से नक़्श मिटाये जाते हैं मेज़ से फिर तस्वीर हटा दी जाती है — Rao Nasir
फूलों की सेज पर ज़रा आराम क्या किया उस गुल-बदन पे नक़्श उठ आए गुलाब के — Adil Mansuri
नक़्शा उठा के कोई नया शहर ढूँढ़िए इस शहर में तो सब से मुलाक़ात हो गई — Nida Fazli
मुँह लगाते ही होंठ पर तेरे पड़ गया नक़्श लाल बोसे का — Insha Allah Khan
इश्क़ का ए'जाज़ सज्दों में निहाँ रखता हूँ मैं नक़्श-ए-पा होती है पेशानी जहाँ रखता हूँ मैं — Behzad Lakhnavi
दीवार-ओ-दर पे 'कृष्णा' की लीला के नक़्श है मंदिर है ये तो 'कृष्ण' के दरबार की तरह — Shobha Kukkal

मूल रूप से, 'नक़्स' एक दोष या खामी को दर्शाता है, कुछ ऐसा जो पूर्णता को बिगाड़ता है। कविता में, यह मानव प्रकृति और दुनिया में निहित अपूर्णताओं के लिए एक रूपक बन जाता है, जो अक्सर इन खामियों के भीतर पाई जाने वाली सुंदरता को उजागर करता है।

कवि 'नक़्स' का उपयोग अपूर्णता और सुंदरता की थीमों की खोज के लिए करते हैं। यह उन छंदों में प्रकट होता है जो मानवता की खामी भरी प्रकृति, जीवन के मुखौटे में दरारें, और अपनी सीमाओं की स्वीकृति का जश्न मनाते हैं।

कविता में, 'नक़्स' अपूर्णता के भीतर सुंदरता के विरोधाभास को प्रकट करता है, मानव स्थिति पर चिंतन के लिए आमंत्रित करता है।