Meaning of

नाम-ओ-नसब

naam-o-nasab • نام و نسب

नाम और वंश; पहचान

name and lineage; identity

نام و نسب; شناخت

Arabic

न छेड़ नाम-ओ-नसब और नस्ल-ओ-रंग की बात कि चल निकलती है अक्सर यहीं से जंग की बात — Zafar naseemi
है बताने की कोई चीज़ भला नाम-ओ-नसब हम ने पूछा न कभी नाम-ओ-नसब बतलाया — Ajmal Siraj
तुम मेरा नाम-ओ-नसब पूछ रहे हो सब सेे इश्क़ हो जाए तो शिजरा नहीं देखा जाता — Aadil Rahi

'नाम-ओ-नसब' वाक्यांश विरासत और पहचान की भावना को जागृत करता है, जो किसी के पूर्वजों और पारिवारिक संबंधों में गहराई से निहित है। कविता में, यह अक्सर संबंध, गर्व और किसी की विरासत के भार के विषयों का अन्वेषण करता है।

कवि 'नाम-ओ-नसब' का उपयोग पहचान की जटिलताओं में गहराई से जाने के लिए करते हैं। यह किसी की विरासत के गर्व या पारिवारिक अपेक्षाओं से परे खुद को परिभाषित करने के संघर्ष को दर्शा सकता है।

अपने काव्यात्मक सार में, 'नाम-ओ-नसब' विरासत और आत्म-खोज के बीच जटिल नृत्य को पकड़ता है।