Meaning of

नायाब

naayaab • نایاب

दुर्लभ; अनोखा

rare; unique

نایاب; منفرد

Persian

यूँँ तो है कई रिश्ते काइ‌नात में, लेकिन दोस्ती ख़ुदा ने नायाब ख़ुद बनाई है — Sandeep Singh Chouhan "Shafaq"
कभी भी ज़िंदगी में ग़म मिले तो हँस के सह लेना कोई नायाब सी बख़्शीश ठुकराया नहीं करते — Shekhar Mandal
सब्र नायाब हुआ जा रहा है रोज़ ब रोज़ क्या ख़बर किसलिए हर शख़्स बहुत जल्दी में है — Ramnath Shodharthi
तुम्हारे होंठ पर इक तिल को देखा तो लगा मुझ को कि इस को पढ़के तेरे इश्क़ में नायाब हो जाऊँ — Piyush Nishchal
ज़िंदगी में मौत हम को यूँँ छुपा कर दी गई है रब तिरी नायाब क्या कारीगरी देखी गई है — Vinod Ganeshpure
ढूँडोगे अगर मुल्कों मुल्कों मिलने के नहीं नायाब हैं हम जो याद न आए भूल के फिर ऐ हम-नफ़सो वो ख़्वाब हैं हम — Shad Azimabadi
कभी भी ज़िंदगी में ग़म मिले तो हँस के सह लेना कोई नायाब सी बख़्शीश ठुकराया नहीं करते — Shekhar Mandal
सितारों में सितारें व्योम में नायाब ये अपने हजारों में चुनिंदा हैं यहाँ अहबाब ये अपने — Sandeep dabral 'sendy'
दो दिन की कहानी में नायाब रहा हूँ मैं पागल सी किसी लड़की का ख़्वाब रहा हूँ मैं — Divu

नायाब किसी दुर्लभ और अनमोल चीज़ को दर्शाता है, जो समय की रेत में छिपा हुआ रत्न हो। कविता में यह अक्सर किसी व्यक्ति या क्षण की असाधारण सुंदरता या मूल्य का प्रतीक होता है, जो साधारण से अलग होता है।

कवि नायाब का उपयोग किसी प्रिय या क्षण की विशिष्टता को उजागर करने के लिए करते हैं। यह आश्चर्य और प्रशंसा की भावना को व्यक्त करता है। यह शब्द अक्सर एक दुर्लभ फूल की छवि को उजागर करता है जो एक वीरान भूमि में खिलता है।

नायाब हमें दुर्लभता में सुंदरता की याद दिलाता है। यह असाधारण का उत्सव मनाता है, हमें सच में अनोखी चीज़ों को संजोने के लिए प्रेरित करता है।