Meaning of

ना-सिपास

na-sipaas • نا سپاس

अकृतज्ञ; कृतघ्न

ungrateful; thankless

ناشکر; احسان فراموش

Persian

ये आशिक़ी तिरे बस की नहीं सो रहने दे कि तेरा काम तो बस ना-सिपास होना है — Rahul Jha

ना-सिपास शब्द अकृतज्ञता की भावना को दर्शाता है, जहाँ किसी के द्वारा किए गए उपकार या दया का आभार नहीं व्यक्त किया जाता। कविता में, यह अक्सर उन भावनात्मक रिक्तियों को उजागर करता है जो अनदेखे उपकारों के कारण उत्पन्न होती हैं।

कवि ना-सिपास का उपयोग विश्वासघात और भावनात्मक उपेक्षा के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह आभार के शब्दों के विपरीत होता है, अप्रत्याशित दया के दर्द को उजागर करता है।

ना-सिपास अनदेखे कार्यों की मौन पीड़ा को पकड़ता है, आभार की मानवीय आवश्यकता की याद दिलाता है।