Meaning of

ना-क़ाबिल-ए-बरदाश्त

naa-qaabil-e-bardaasht • نا قابل برداشت

असहनीय; असह्य

unbearable; intolerable

نا قابل برداشت; ناقابل تحمل

Persian

आलम में करते हो नुमाइश इस क़दर रंज-ओ-अलम की ये लब नहीं खुलते जो ग़म ना-क़ाबिल-ए-बरदाश्त होता — Prakash Pandey

'ना-क़ाबिल-ए-बरदाश्त' वाक्यांश अत्यधिक तीव्रता की भावना को व्यक्त करता है, जहाँ भावनाएँ या स्थितियाँ सहनशीलता से परे पहुँच जाती हैं। कविता में, यह अक्सर पीड़ा की गहराई या जुनून की चरम सीमा को उजागर करता है।

कवि 'ना-क़ाबिल-ए-बरदाश्त' का उपयोग मानव सहनशीलता की सीमाओं को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह हानि के असहनीय भार, अप्राप्त प्रेम की तीव्रता, या निराशा के कुचलने वाले बोझ का वर्णन कर सकता है।

'ना-क़ाबिल-ए-बरदाश्त' के क्षेत्र में, हम मानव भावनाओं की कच्ची धार पाते हैं, जहाँ दिल की सहनशीलता वास्तव में परखी जाती है।