Meaning of

निख़र

nikhar • نکھر

चमक; स्पष्टता; परिष्कार

brightness; clarity; refinement

چمک; وضاحت; نفاست

Persian

वो गुलाबी पंखुरी थी बाग की और मैं मकरन्द लेने आ गया — Divy Kamaldhwaj
रुख़्सार पर है रंग-ए-हया का फ़रोग़ आज बोसे का नाम मैं ने लिया वो निखर गए — Hakim Mohammad Ajmal Khan Shaida
वो कली अब ख़ुद निखरती जा रही है धूप आने तक जो कुछ सुकड़ी हुई थी — Abhay Mishra
इश्क़ में कोई निखर जाता है इश्क़ में कोई बिखर जाता है — Nit
वो बस हँसी उस की नहीं उपचार था जैसे छिपा बीमार के भी हाल को हम ने निखरते देखा है — Divya 'Kumar Sahab'
ज़रा विसाल के बा'द आइना तो देख ऐ दोस्त तिरे जमाल की दोशीज़गी निखर आई — Firaq Gorakhpuri
तुम से बिछड़ कर और निखरने वाले हैं हम माँ की बाँहों में मरने वाले हैं — Puneet Mishra Akshat
निखरा जो रंग तो वो सुहूलत चली गई आए जो धूप में तो ये रंगत चली गई — Sanjay Bhat

निख़र शब्द उस छवि को उभारता है जहाँ कोई वस्तु अंधेरे से प्रकाश में आती है, अपनी सच्ची रूप और सुंदरता को प्रकट करती है। कविता में, यह अक्सर अस्पष्टता से स्पष्टता की यात्रा का प्रतीक होता है, चाहे वह भौतिक हो या भावनात्मक।

कवि निख़र का उपयोग छिपी हुई सुंदरता के अनावरण के लिए करते हैं। यह विचारों की स्पष्टता या भावनाओं की पवित्रता को दर्शा सकता है। अक्सर अंधकार या भ्रम के विपरीत प्रयोग होता है।

निख़र अंधकार से प्रकाश की काव्यात्मक यात्रा का प्रतीक है, जो अनावरण की सुंदरता का प्रमाण है।