Meaning of

निगह-ए-यार

nigah-e-yaar • نگہ یار

प्रिय की दृष्टि; प्रेमी की नज़र

gaze of the beloved; lover's glance

محبوب کی نظر; عاشق کی نگاہ

Persian

बस इक निगाह-ए-यार की दौलत के साथ साथ कुछ यूँँ हुआ कि मेरा मुक़द्दर बदल गया — Riddhi Awasthi
निगाह-ए-यार के जलवे न पूछो बदन पर चाँद तारे जड़ गए हैं — shampa andaliib

'निगह-ए-यार' प्रिय की वह दृष्टि है जो कोमल और गहरी होती है। कविता में यह दृष्टि मात्र एक नज़र नहीं, बल्कि एक गहरा संबंध है जो प्रेम, लालसा या दुःख को व्यक्त कर सकती है। प्रिय की नज़र में भावनाओं का एक संसार होता है, जो अक्सर प्रेमी को मोह या उथल-पुथल में छोड़ देता है।

कवियों द्वारा 'निगह-ए-यार' का प्रयोग अक्सर प्रेमी की दृष्टि की शक्ति को दर्शाने के लिए किया जाता है। यह प्रेम की शुरुआत, जुदाई के दर्द या पुनर्मिलन की खुशी का प्रतीक हो सकता है। यह दृष्टि कभी-कभी दुनिया की कठोरता के विपरीत होती है, इसकी अनूठी कोमलता को उजागर करती है।

कविता की दुनिया में, 'निगह-ए-यार' प्रेम के मौन संवाद का सार पकड़ता है। यह अनकहे लेकिन गहराई से महसूस किए गए संबंधों का प्रमाण है।