Meaning of

निगाही

nigaahi • نگاہی

नज़र; दृष्टि

glance; gaze

نگاہ; نظر

Persian

निगाहें फेर ली घबरा के मैं ने वो तुम से ख़ूब-सूरत लग रही थी — Fahmi Badayuni
तुम सोच रहे हो बस, बादल की उड़ानों तक मेरी तो निगाहें हैं सूरज के ठिकानों तक — Aalok Shrivastav
निगाहें करती रह जाती हैं हिज्जे वो जब चेहरे से इमला बोलता है — Fahmi Badayuni
आप के तग़ाफ़ुल का सिलसिला पुराना है उस तरफ़ निगाहें हैं इस तरफ़ निशाना है — Hina taimuri
देखो तो चश्म-ए-यार की जादू-निगाहियाँ बेहोश इक नज़र में हुई अंजुमन तमाम — Hasrat Mohani
सब कुछ तो है क्या ढूँडती रहती हैं निगाहें क्या बात है मैं वक़्त पे घर क्यूँँ नहीं जाता — Nida Fazli
फिर न कीजे मिरी गुस्ताख़-निगाही का गिला देखिए आप ने फिर प्यार से देखा मुझ को — Sahir Ludhianvi
निगाहें इस क़दर क़ातिल कि उफ़ उफ़ अदाएँ इस क़दर प्यारी कि तौबा — Arzoo Lakhnavi
ये साड़ी खुले बाल क़यामत-सी निगाहें हम ख़ुद को बहकने से भला कैसे बचायें — Harsh saxena

निगाही का मूल अर्थ देखना या दृष्टि डालना है। कविता में, यह मात्र भौतिक क्रिया से परे जाकर भावनात्मक और आध्यात्मिक क्षेत्रों में प्रवेश करता है। यह उस क्षण की तीव्रता को पकड़ता है जब आँखें मिलती हैं, अनकहे भावनाओं और मौन संवादों को व्यक्त करता है।

कवि 'निगाही' का उपयोग एक ही नज़र में व्यक्त भावनाओं की गहराई को जागृत करने के लिए करते हैं। इसका अक्सर प्रेमियों के बीच मौन संचार या छिपे हुए सत्य को प्रकट करने वाली पैनी दृष्टि का वर्णन करने के लिए उपयोग किया जाता है।

कविता के क्षेत्र में, 'निगाही' उस गहन संबंध को पकड़ता है जो शब्दों से परे है। यह आत्मा की मौन भाषा है।