Meaning of

निगाही

nigaahi • نگاہی

नज़र; दृष्टि

glance; gaze

نگاہ; نظر

Persian

ये साड़ी खुले बाल क़यामत-सी निगाहें
हम ख़ुद को बहकने से भला कैसे बचायें

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निगाहें फेर ली घबरा के मैं ने
वो तुम से ख़ूब-सूरत लग रही थी

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सब कुछ तो है क्या ढूँडती रहती हैं निगाहें
क्या बात है मैं वक़्त पे घर क्यूँँ नहीं जाता

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तुम सोच रहे हो बस, बादल की उड़ानों तक
मेरी तो निगाहें हैं सूरज के ठिकानों तक

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फिर न कीजे मिरी गुस्ताख़-निगाही का गिला
देखिए आप ने फिर प्यार से देखा मुझ को

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निगाहें करती रह जाती हैं हिज्जे
वो जब चेहरे से इमला बोलता है

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ना तो कुछ सुनते हैं ना ही बोल कुछ पाते हैं हम
सामने उन के सरापा आँख हो जाते हैं हम

वो निगाहें इन निगाहों से कभी हटती नहीं
वरना कितनी ही निगाहें हैं जिन्हें भाते हैं हम

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आप के तग़ाफ़ुल का सिलसिला पुराना है
उस तरफ़ निगाहें हैं इस तरफ़ निशाना है

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निगाहें इस क़दर क़ातिल कि उफ़ उफ़
अदाएँ इस क़दर प्यारी कि तौबा

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देखो तो चश्म-ए-यार की जादू-निगाहियाँ
बेहोश इक नज़र में हुई अंजुमन तमाम

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ये साड़ी खुले बाल क़यामत-सी निगाहें
हम ख़ुद को बहकने से भला कैसे बचायें

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निगाहें फेर ली घबरा के मैं ने
वो तुम से ख़ूब-सूरत लग रही थी

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निगाही का मूल अर्थ देखना या दृष्टि डालना है। कविता में, यह मात्र भौतिक क्रिया से परे जाकर भावनात्मक और आध्यात्मिक क्षेत्रों में प्रवेश करता है। यह उस क्षण की तीव्रता को पकड़ता है जब आँखें मिलती हैं, अनकहे भावनाओं और मौन संवादों को व्यक्त करता है।

कवि 'निगाही' का उपयोग एक ही नज़र में व्यक्त भावनाओं की गहराई को जागृत करने के लिए करते हैं। इसका अक्सर प्रेमियों के बीच मौन संचार या छिपे हुए सत्य को प्रकट करने वाली पैनी दृष्टि का वर्णन करने के लिए उपयोग किया जाता है।

कविता के क्षेत्र में, 'निगाही' उस गहन संबंध को पकड़ता है जो शब्दों से परे है। यह आत्मा की मौन भाषा है।