Meaning of

निगाह-ए-शोख़

nigaah-e-shokh • نگاہ شوخ

शरारती नज़र; चंचल दृष्टि

mischievous glance; playful look

شرارتی نظر; چنچل نگاہ

Persian

निगाह-ए-शोख़ का क़ैदी नहीं है कौन यहाँ किसे तमन्ना नहीं फूल चूमने को मिले — Aks samastipuri

'निगाह-ए-शोख़' एक ऐसी नज़र को दर्शाता है जो शरारत और चंचलता से भरी होती है। कविता में, यह अक्सर प्रिय की मोहकता और आकर्षण का प्रतिनिधित्व करता है, जिसकी मात्र दृष्टि ही मोहित कर सकती है।

कवि 'निगाह-ए-शोख़' का उपयोग प्रेम की चंचल और छेड़खानी भरी प्रकृति को चित्रित करने के लिए करते हैं। यह अक्सर प्रेमी की दृष्टि की मोहक शक्ति का वर्णन करने के लिए उपयोग किया जाता है, जो आकर्षित और चकित कर सकती है।

कविता में, 'निगाह-ए-शोख़' आकर्षण के चंचल नृत्य की याद दिलाता है। यह प्रेम के हल्के-फुल्के लेकिन गहरे प्रभाव के सार को पकड़ता है।