Meaning of

निगूँ

nigoon • نگوں

झुका हुआ; झुका; विनम्र

bowed; inclined; humble

جھکا ہوا; مائل; عاجز

Persian

ये गूँगों की महफ़िल है निकलना ही पड़ेगा क्या इतनी ख़ता कम है कि हम बोल पड़े हैं — Waseem Barelvi
पलक का बाल गिरे कब मैं कब तुझे माँगूँ मैं कशमकश में ये पलकें न नोच लूँ अपनी — Vishnu virat
तू नहीं कुछ भी नहीं, क्या माँगू और किस के लिए तू नहीं मुझ को मिला, अब चाहिए कुछ भी नहीं — Divya 'Kumar Sahab'
तू जो मिल जाए तो तक़दीर निगूँ हो जाए यूँँ न था मैं ने फ़क़त चाहा था यूँँ हो जाए — Faiz Ahmad Faiz
कोई तितली निशाने पर नहीं है मैं बस रंगों का पीछा कर रहा हूँ — Zubair Ali Tabish
मुहय्या सब है अब अस्बाब-ए-होली उठो यारो भरो रंगों से झोली — Shaikh Zahuruddin Hatim

निगूँ शब्द विनम्रता या चिंतन में झुके हुए सिर की छवि प्रस्तुत करता है। कविता में, यह अक्सर आत्मनिरीक्षण या समर्पण की स्थिति का प्रतीक होता है, जहाँ हृदय और मन शांत चिंतन में होते हैं। यह शब्द कोमल समर्पण का भाव लिए होता है, भावनाओं या परिस्थितियों के प्रति झुकने का।

कवि निगूँ का उपयोग विनम्रता या चिंतनशील मनःस्थिति को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह किसी पात्र के आत्मनिरीक्षण या शांत समर्पण के क्षण को दर्शा सकता है। अक्सर गर्व या विरोध के विपरीत, निगूँ समर्पण की सुंदरता को उजागर करता है।

निगूँ विनम्रता में पाई जाने वाली शांत गरिमा को पकड़ता है। यह हमें कोमल समर्पण में शक्ति की याद दिलाता है।