Meaning of

नुक़्ता

Nuqta • نقطہ

बिंदु; बारीकी; सूक्ष्मता

dot; point; subtlety

نقطہ; باریکی; نزاکت

Arabic

पूछ मुझ सेे कि तेरे होंठ पे तिल है क्यूँँ कर ऐसा नुक़्ता कहीं नादान समझते होंगे — Ameer Imam
तू नुक़्ताचीं ज़रा चखकर बता कि आख़िर ज़हर में क्या नुक़्स है — Abdulla Asif
वे सभी करने चले हैं ज़िन्दगी पर तब्सिरा जिन की ख़ुद की ज़िन्दगी में ही लगा नुक़्ता नहीं — Dr Bhagyashree Joshi
वो थी ग़ज़ल सो ध्यान से लोगों ने सब सुना मैं नुक़्ता था जो ठीक पढ़ा भी नहीं गया — Ashkrit Tiwari
मैं नुक़्ता लिखती थी वो बिंदी कहता था मैं उर्दू लिखती थी वो हिन्दी कहता था — Salma Malik
हुस्न-ओ-जमाल उस का मुकम्मल ग़ज़ल सा है इक तिल है रुख़ पे जैसे कि नुक़्ता लगा हुआ — "Nadeem khan' Kaavish"
मैं इक नुक़्ता हूँ और इक लफ़्ज़ हो तुम तुम्हीं से ज़िंदगी पूरी हुई है — Saarthi Baidyanath
जुदा लिखूँ ख़ुदा लिखूँ समझ नहीं आता उधेड़ बुन में हम नहीं लगा सके नुक़्ता — A R Sahil "Aleeg"
हुनर कि फूक से मेरे अज़ीज़ नुक्ता-चीं बस एक मक्खी तेरी नाक की उड़ानी है — Dipanshu Shams
इश्क़ का माज़ी हो मुस्तक़बिल या ताज़ा इश्क़ कोई एक नुक़्ता ने किया इस दास्ताँ को ना-मुकम्मल — A R Sahil "Aleeg"

'नुक़्ता' मूल रूप से एक बिंदु या बारीक निशान को संदर्भित करता है, जो अपनी सरलता में महत्वपूर्ण होता है। कविता में, यह सूक्ष्मता और अर्थ के उन बारीक बिंदुओं का प्रतीक बन जाता है जो पूरे दृष्टिकोण को बदल सकते हैं।

कवि 'नुक़्ता' का उपयोग विचार और भावना की कोमल बारीकियों को उजागर करने के लिए करते हैं। यह दृष्टिकोणों को बदलने में सूक्ष्मता की शक्ति की याद दिलाता है।

कविता में, 'नुक़्ता' वह धुरी बन जाता है जिस पर अर्थ की पूरी दुनिया घूमती है।