Meaning of

परवाज़

parvaaz • پرواز

उड़ान; आरोहण

flight; ascent

پرواز; عروج

Persian

तू शाही है परवाज़ है काम तेरा तिरे सामने आ समाँ और भी हैं — Allama Iqbal
दिल से जो बात निकलती है असर रखती है पर नहीं ताक़त-ए-परवाज़ मगर रखती है — Allama Iqbal
परिंद पेड़ से परवाज़ करते जाते हैं कि बस्तियों का मुक़द्दर बदलता जाता है — Asad Badayuni
उस की नज़र तो कहती थी परवाज़ के लिए मेरी ही सोच पाँव की ज़ंजीर बन गई — Saleem Betab
तू शाहीं है परवाज़ है काम तेरा तेरे सामने आसमाँ और भी हैं — Allama Iqbal
अंजाम उस के हाथ है आग़ाज़ कर के देख भीगे हुए परों से ही परवाज़ कर के देख — Nawaz Deobandi
ऐ ताइर-ए-लाहूती उस रिज़्क़ से मौत अच्छी जिस रिज़्क़ से आती हो परवाज़ में कोताही — Allama Iqbal
कौन से दिल से मैं परवाज़ की उम्मीद करूँँ क़ैद कर के मुझे सय्याद ने पर काट दिए — Shajar Abbas

'परवाज़' शब्द उठने और हवा में चलने के सार को पकड़ता है। कविता में, यह आत्मा की मुक्ति की यात्रा और सपनों की खोज का प्रतीक है।

कवि 'परवाज़' का उपयोग स्वतंत्रता, महत्वाकांक्षा, और पारगमन के विषयों को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अक्सर सांसारिक अस्तित्व की सीमाओं के विपरीत होता है।

कविता के क्षेत्र में, 'परवाज़' असीमित आत्मा और ऊँचाई की अनंत खोज का प्रमाण है।