Meaning of

परीशाँ

pareeshaan • پریشاں

व्याकुल; परेशान

disturbed; troubled

پریشان; مضطرب

Persian

परेशाँ है वो झूटा इश्क़ कर के वफ़ा करने की नौबत आ गई है — Fahmi Badayuni
जब भी तिरी क़ुर्बत के कुछ इम्काँ नज़र आए हम ख़ुश हुए इतने कि परेशाँ नज़र आए — Sadique Naseem
दिल है परेशाँ उन की ख़ातिर पल भर को आराम नहीं है — Anwar Taban
आरज़ू वस्ल की रखती है परेशाँ क्या क्या क्या बताऊँ कि मेरे दिल में है अरमाँ क्या क्या — Akhtar Shirani
परेशाँ से जो आँसू, शब, सिरहाने रख दिए थे सवेरे फिर बिखर कर, आँख में चुभने लगे हैं — Saurabh Mehta 'Alfaaz'
नींद उस की है दिमाग़ उस का है रातें उस की हैं तेरी ज़ुल्फ़ें जिस के बाज़ू पर परेशाँ हो गईं — Mirza Ghalib
हम को जुनूँ क्या सिखलाते हो हम थे परेशाँ तुम से ज़ियादा चाक किए हैं हम ने अज़ीज़ो चार गरेबाँ तुम से ज़ियादा — Majrooh Sultanpuri
सिगरेट जिसे सुलगता हुआ कोई छोड़ दे उस का धुआँ हूँ और परेशाँ धुआँ हूँ मैं — Ameeq Hanafi
हम अपने हाल-ए-परेशाँ पे बारहा रोए और उस के बा'द हँसी हम को बारहा आई — Rais Amrohvi
कोई लड़का परेशाँ है किसी का जिस्म पाने को कोई लड़का परेशाँ है किसी का प्यार मिल जाए — Nirbhay Nishchhal

'परीशाँ' शब्द आंतरिक उथल-पुथल की स्थिति को दर्शाता है, एक ऐसा मन जो चिंताओं और अनिश्चितताओं से घिरा हुआ है। कविता में, यह अक्सर बेचैन हृदय का प्रतीक होता है, जो लालसा या अस्तित्वगत चिंता के बीच फंसा होता है।

कवि 'परीशाँ' का उपयोग मानव भावनाओं की जटिलता को व्यक्त करने के लिए करते हैं। इसे अक्सर आंतरिक संघर्ष को दर्शाने के लिए तूफानों या अशांत समुद्रों की छवियों के साथ जोड़ा जाता है।

कविता में, 'परीशाँ' आत्मा की अशांति का दर्पण है। यह इच्छा और शांति के बीच के सार्वभौमिक संघर्ष को दर्शाता है।