Meaning of

परीशाँ

pareeshaan • پریشاں

व्याकुल; परेशान

disturbed; troubled

پریشان; مضطرب

Persian

कोई लड़का परेशाँ है किसी का जिस्म पाने को
कोई लड़का परेशाँ है किसी का प्यार मिल जाए

9

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परेशाँ है वो झूटा इश्क़ कर के
वफ़ा करने की नौबत आ गई है

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नींद उस की है दिमाग़ उस का है रातें उस की हैं
तेरी ज़ुल्फ़ें जिस के बाज़ू पर परेशाँ हो गईं

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जब भी तिरी क़ुर्बत के कुछ इम्काँ नज़र आए
हम ख़ुश हुए इतने कि परेशाँ नज़र आए

38

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दिल है परेशाँ उन की ख़ातिर
पल भर को आराम नहीं है

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हम को जुनूँ क्या सिखलाते हो हम थे परेशाँ तुम से ज़ियादा
चाक किए हैं हम ने अज़ीज़ो चार गरेबाँ तुम से ज़ियादा

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सिगरेट जिसे सुलगता हुआ कोई छोड़ दे
उस का धुआँ हूँ और परेशाँ धुआँ हूँ मैं

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आरज़ू वस्ल की रखती है परेशाँ क्या क्या
क्या बताऊँ कि मेरे दिल में है अरमाँ क्या क्या

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हम अपने हाल-ए-परेशाँ पे बारहा रोए
और उस के बा'द हँसी हम को बारहा आई

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परेशाँ से जो आँसू, शब, सिरहाने रख दिए थे
सवेरे फिर बिखर कर, आँख में चुभने लगे हैं

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कोई लड़का परेशाँ है किसी का जिस्म पाने को
कोई लड़का परेशाँ है किसी का प्यार मिल जाए

9

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परेशाँ है वो झूटा इश्क़ कर के
वफ़ा करने की नौबत आ गई है

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'परीशाँ' शब्द आंतरिक उथल-पुथल की स्थिति को दर्शाता है, एक ऐसा मन जो चिंताओं और अनिश्चितताओं से घिरा हुआ है। कविता में, यह अक्सर बेचैन हृदय का प्रतीक होता है, जो लालसा या अस्तित्वगत चिंता के बीच फंसा होता है।

कवि 'परीशाँ' का उपयोग मानव भावनाओं की जटिलता को व्यक्त करने के लिए करते हैं। इसे अक्सर आंतरिक संघर्ष को दर्शाने के लिए तूफानों या अशांत समुद्रों की छवियों के साथ जोड़ा जाता है।

कविता में, 'परीशाँ' आत्मा की अशांति का दर्पण है। यह इच्छा और शांति के बीच के सार्वभौमिक संघर्ष को दर्शाता है।