ham apne haal-e-pareshaan pe baarha roye | हम अपने हाल-ए-परेशाँ पे बारहा रोए

  - Rais Amrohvi

हम अपने हाल-ए-परेशाँ पे बारहा रोए
और उसके बाद हँसी हम को बारहा आई

  - Rais Amrohvi

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    टहनी पे ख़मोश इक परिंदा
    माज़ी के उलट रहा है दफ़्तर
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    Rais Amrohvi
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