Meaning of

पशेमान

pashemaan • پشیمان

पश्चातापी; खेदपूर्ण

regretful; remorseful

پشیمان; نادم

Persian

शब-ए-ज़ुल्मत भी हो जाए पशेमाँ
दिया ऐसा जलाना चाहता हूँ

1

Download Image

क्यूँँ पशेमाँ हो अगर वअ'दा वफ़ा हो न सका
कहीं वादे भी निभाने के लिए होते हैं

20

Download Image

की मेरे क़त्ल के बा'द उस ने जफ़ा से तौबा
हाए उस ज़ूद-पशीमाँ का पशीमाँ होना

8

Download Image

अपने किए पे तुम हो पशेमान किस लिए
इनकार कर रही हो मेरी जान किस लिए

3

Download Image

कोई इक भी जब न मेहमाँ पाया हम ने
फिर तो अपना घर ही वीराँ पाया हम ने

यूँँ लगा जैसे बिछड़ के ख़ुश बहुत हैं
देखा तो ख़ुद को पशेमाँ पाया हम ने

2

Download Image

दिल-ए-मरहूम में अब जान नहीं आएगी
ज़िंदगी हो के पशेमान नहीं आएगी

देख कर जिस को मोहब्बत का तुम्हें धोका हुआ
अब कभी लब पे वो मुस्कान नहीं आएगी

2

Download Image

हुस्न होता क्यूँँ पशेमाँ ही यहाँ
महज़ बिखरे जब तेरे अंदाज़ हैं

2

Download Image

शहद हो तुम मिरी ज़बाँ ख़ंजर
तुम सेे मिल कर बहुत पशेमाँ हूँ

1

Download Image

क्यूँ पशेमाँ हो मुझे वो देख कर
देख उस को फ़ासिले से ख़ुश हूँ मैं

1

Download Image

करती नहीं ज़लील कभी मौत भी यहाँ
क्यूँ कर रही मुझे तू पशेमान ज़िन्दगी

1

Download Image

शब-ए-ज़ुल्मत भी हो जाए पशेमाँ
दिया ऐसा जलाना चाहता हूँ

1

Download Image

क्यूँँ पशेमाँ हो अगर वअ'दा वफ़ा हो न सका
कहीं वादे भी निभाने के लिए होते हैं

20

Download Image

'पशेमान' शब्द गहरे पछतावे और पिछले कार्यों को पूर्ववत करने की लालसा का सार पकड़ता है। कविता में, यह अक्सर अनकहे दुखों के बोझ और मुक्ति की मौन लालसा को व्यक्त करता है, जो कथा में भावनात्मक गहराई की एक परत जोड़ता है।

कवि 'पशेमान' का उपयोग अपराधबोध और मुक्ति के विषयों का पता लगाने के लिए करते हैं। यह पात्रों के आंतरिक संघर्ष, पिछले गलतियों की भूतिया उपस्थिति, और क्षमा की आशा को उजागर कर सकता है।

कविता के शांत कोनों में, 'पशेमान' मानव दुर्बलता और शांति की स्थायी खोज की सार्वभौमिक कहानी को फुसफुसाता है।