Meaning of

पाज़ेब

paazeb • پازیب

पायल; पैर की आभूषण

anklet; foot ornament

پازیب; پاؤں کا زیور

Persian

वो मेरी फिक्र तो करता है मगर प्यार नहीं या'नी पाज़ेब में घुँघरू तो है झंकार नहीं — Harman Dinesh
क्या वाक़ई वो तेरी पाज़ेब की खनक थी ऐसा सुकून तो बस नुसरत के गाने में है — Neeraj Neer
मैं ग़ज़ल का बदन सँवारता हूँ जब तुम्हें पन्नों पर उतारता हूँ — Prit
पाज़ेब की आवाज़ ही अब गूॅंजती है कान में होगी जहाँ भी तू कहीं लेकिन रहेगी ध्यान में — Manohar Shimpi
नाच रहे सब सेे ये कह के फूल वो इन के पाज़ेब बनाती है — BR SUDHAKAR
रक़्स करना है तो फिर होश की पाज़ेब उतार आलम-ए-वज्द में ही बे-ख़बरी आती है — Rajesh Reddy
सारे सुर उस की ख़ुशामद में लगे हैं देखिए तो आज उस ने पैरों में पाज़ेब जो पहनी हुई है — Harsh saxena
वो मेरी पाज़ेब की झंकार से बीमार है तो शिफ़ा ता-उम्र उस को अब मिलेगी ही नहीं — Meenakshi Masoom
ज़िन्दगी रुख़ पर जो तेरे छाई है ये ख़ामुशी आ इसे मैं चीर दूँ पाज़ेब की झंकार से — Kiran K

'पाज़ेब' शब्द कोमल पायल की छवि प्रस्तुत करता है जो हर कदम के साथ झंकार करती है, जो सौंदर्य और स्त्रीत्व का प्रतीक है। कविता में, यह अक्सर कोमल आकर्षण और गति की लयबद्ध सुंदरता को व्यक्त करता है।

कवि अक्सर 'पाज़ेब' का उपयोग प्रिय की उपस्थिति की सुंदरता को दर्शाने के लिए करते हैं। यह कदमों की संगीतात्मकता और सूक्ष्मता के आकर्षण को पकड़ता है।

कविता में, 'पाज़ेब' पंक्तियों पर नृत्य करती है, सुंदरता और अनुग्रह की गूंज छोड़ती है।