Meaning of

पुख़्ता

pukhta • پختہ

पक्का; परिपक्व; ठोस; दृढ़

mature; ripe; solid; firm

پکا; پختہ; ٹھوس; مضبوط

Persian

होता है दर्द क़ल्ब के नज़दीक सुना था तुम से मिले तो पुख़्ता हुआ ठीक सुना था — Ali Mohammed Shaikh
आँख मिलाना महफ़िल में आसान नहीं होता आँखों पर आँखों का पुख़्ता पहरा होता है — Sandeep dabral 'sendy'
किसी नुजूमी ने ये कहा था रहोगे तन्हा ही इश्क़ में तुम ये और बेहतर बिछड़ के तुम ने किया है पुख़्ता यक़ीन मेरा — A R Sahil "Aleeg"
जितना पुख़्ता भी हो दिल जिस्म से बाहर रखना ताकि टूटे भी तो फिर सीने में मलबा न बने — Danish Naqvi
बस मुझे इक बार मय-ख़ाने हो के आने दे वाइज़ देख फिर किस की नसीहत पुख़्ता रहती है ज़ियादा — Jayraj singh jhala
हिज्र तिरा सहने का निज़ाम पुख़्ता है सब लम्हे यादें रख ली कुछ हँसती तस्वीरें — Abha sethi
आ गई पुख़्तगी मोहब्बत में लुत्फ़ मिलने लगा है फुर्क़त में — Shadab Shabbiri
पुख़्ता है अब आयाम भी उन के बहकाने के लिए शाम आवाज़ें दे रहे वो यूँँ मय-ख़ाने के लिए — Naviii dar b dar

अपने मूल अर्थ में, 'पुख़्ता' परिपक्वता और तैयारी की स्थिति को दर्शाता है, अक्सर फल की पक्काई या संरचना की ठोसता से जुड़ा होता है। कविता में, यह शब्द भावनात्मक परिपक्वता या दृढ़ संकल्प की ठोसता का सुझाव देता है, एक ऐसे दिल की छवि को उभारता है जिसने कई ऋतुएँ देखी हैं फिर भी दृढ़ खड़ा है।

'पुख़्ता' का उपयोग कवि अक्सर किसी चरित्र की भावनात्मक गहराई या प्रेम की स्थायी प्रकृति का वर्णन करने के लिए करते हैं। यह 'कच्चा' जैसे शब्दों के विपरीत है, जो अपरिपक्वता या नाजुकता का सुझाव देते हैं। यह शब्द अनुभव के माध्यम से प्राप्त ज्ञान की अवधारणा को भी उभार सकता है।

पुख़्ता परिपक्वता में पाई जाने वाली शक्ति का प्रतीक है, समय के साथ स्थायित्व की सुंदरता का प्रमाण है।