Meaning of

पेच-ओ-ख़म

pech-o-kham • پیچ و خم

घुमाव; जटिलताएँ

twists and turns; complexities

پیچیدگیاں; موڑ

Persian

ज़िंदगी में कोई भी हमदम नहीं है शुक्र है ये रब का पेचो-ख़म नहीं है — Danish Balliavi
तेरी ज़ुल्फ़ों के पेच-ओ-ख़म में उलझे हैं वरना इक दिन हम भी फ़लक पर होते बनके कोई सितारा — Meem Alif Shaz

'पेच-ओ-ख़म' घुमावदार रास्तों और जटिल डिजाइनों की छवियाँ प्रस्तुत करता है। कविता में, यह जीवन की जटिलताओं और भाग्य और चुनाव के जटिल नृत्य का प्रतीक है।

कवि अक्सर 'पेच-ओ-ख़म' का उपयोग मानव भावनाओं और संबंधों की भूलभुलैया प्रकृति का पता लगाने के लिए करते हैं। यह रहस्य की भावना और जटिलता में पाए जाने वाले सौंदर्य को जागृत करता है।

'पेच-ओ-ख़म' हमें जीवन के जटिल पैटर्न को अपनाने के लिए आमंत्रित करता है। इसकी काव्यात्मक आकर्षण जटिलता और स्पष्टता के नृत्य में निहित है।