Meaning of

फ़राज़

faraaz • فراز

ऊँचाई; शिखर; प्रमुखता

elevation; height; prominence

بلندی; عروج; نمایاں مقام

Persian

मुझे कहता है झूठी हैं तेरी बेकार सी बातें फ़राज़ मगर लगता है वो मेरी उन्हीं बातों पे मरता है — Ahmad Faraz
ज़िंदगी पर इस से बढ़ कर तंज़ क्या होगा 'फ़राज़' उस का ये कहना कि तू शाएर है दीवाना नहीं — Ahmad Faraz
टूटा तो हूँ मगर अभी बिखरा नहीं 'फ़राज़' मेरे बदन पे जैसे शिकस्तों का जाल हो — Ahmad Faraz
सब ख़्वाहिशें पूरी हों 'फ़राज़' ऐसा नहीं है जैसे कई अश'आर मुकम्मल नहीं होते — Ahmad Faraz
लो फिर तिरे लबों पे उसी बे-वफ़ा का ज़िक्र अहमद-'फ़राज़' तुझ से कहा ना बहुत हुआ — Ahmad Faraz
उस की आँखों को कभी ग़ौर से देखा है ‘फ़राज़' रोने वालों की तरह जागने वालों जैसी — Ahmad Faraz
अभी कुछ और करिश्में ग़ज़ल के देखते हैं 'फ़राज़' अब ज़रा लहजा बदल के देखते हैं — Ahmad Faraz
तुम तकल्लुफ़ को भी इख़्लास समझते हो 'फ़राज़' दोस्त होता नहीं हर हाथ मिलाने वाला — Ahmad Faraz
चुप-चाप अपनी आग में जलते रहो 'फ़राज़' दुनिया तो अर्ज़-ए-हाल से बे-आबरू करे — Ahmad Faraz
उसे 'फ़राज़' अगर दुख न था बिछड़ने का तो क्यूँँ वो दूर तलक देखता रहा मुझ को — Ahmad Faraz

'फ़राज़' का मूल अर्थ ऊँचाई या शिखर है, जहाँ धरती आकाश से मिलती है। कविता में यह अपने शाब्दिक अर्थ से आगे बढ़कर महत्वाकांक्षा और महानता की खोज का प्रतीक बन जाता है। यह मानव आत्मा की उस लालसा को दर्शाता है जो साधारण से ऊपर उठकर उत्कृष्टता को छूने की चाह रखती है।

'फ़राज़' का उपयोग कवि अक्सर भावनाओं या उपलब्धियों के शिखर को दर्शाने के लिए करते हैं। यह प्रेम की चरम सीमा, दुःख की गहराई, या व्यक्तिगत यात्रा के शिखर का प्रतीक हो सकता है। यह गहराई या अवनति दर्शाने वाले शब्दों के विपरीत मानव अनुभव की द्वैतता को उजागर करता है।

'फ़राज़' तारों तक पहुँचने की चाह का सार है, जो मानव हृदय की असीम आकांक्षाओं का प्रमाण है।