Meaning of

फ़ाग

faag • فاگ

वसंत उत्सव; होली

spring festival; Holi

بہار کا تہوار; ہولی

Sanskrit

हया से सुर्ख़ हो जाओगे नज़रें चेहरा चू
मेंगी
तुम्हें इस फाग रंग-ए-इश्क़ से हम अपने रंगेंगे

0

Download Image

फागुन की ये फ़िज़ाऐं तुम बिन हैं रूखी-रूखी
तुम बिन कहो कि मोहन कैसे मनायें होली

40

Download Image

घर में ठंडे चूल्हे पर अगर ख़ाली पतीली है
बताओ कैसे लिख दूँ धूप फागुन की नशीली है

36

Download Image

जब फागुन रंग झमकते हों तब देख बहारें होली की
और दफ़ के शोर खड़कते हों तब देख बहारें होली की

27

Download Image

मौसम-ए-होली है दिन आए हैं रंग और राग के
हम से तुम कुछ माँगने आओ बहाने फाग के

22

Download Image

इतनी ज़हमत कौन उठाए सन्नाटे से बात करे
ख़ुद अपने ज़ख़्मों से उलझे दर्द से दो दो हाथ करे

आँख उठा कर जब से तू ने उस बादल को देखा है
सावन में सूखा घू
में है फागुन में बरसात करे

1

Download Image

फ़ाग पिछले सताई यही फ़रवरी
साल भर ग़म शुमारी यही फ़रवरी

रंग में लाल पीले रहे अश्क भी
आग कब तक लगाई यही फ़रवरी

1

Download Image

हया से सुर्ख़ हो जाओगे नज़रें चेहरा चू
मेंगी
तुम्हें इस फाग रंग-ए-इश्क़ से हम अपने रंगेंगे

0

Download Image

फागुन की ये फ़िज़ाऐं तुम बिन हैं रूखी-रूखी
तुम बिन कहो कि मोहन कैसे मनायें होली

40

Download Image

अपने मूल संदर्भ में, 'फ़ाग' रंगों के जीवंत त्योहार होली का उल्लेख करता है, जो वसंत के आगमन का उत्सव है। कविता में, यह नवीनीकरण, आनंद और जीवन की उमंग का प्रतीक है, जो अक्सर प्रकृति के पुनर्जन्म और मानव उत्सव की छवियों को उजागर करता है।

कवि अक्सर 'फ़ाग' का उपयोग उत्सव और नवीनीकरण की भावना को उजागर करने के लिए करते हैं। यह जीवंत रंगों और ध्वनियों के साथ एकरसता के टूटने का प्रतिनिधित्व कर सकता है। यह शब्द एकांत या उदासी के विषयों के साथ भी विपरीत हो सकता है।

कविता में, 'फ़ाग' जीवन की चक्रीय खुशी के सार को पकड़ता है। यह हमें नवीनीकरण की सुंदरता और अस्तित्व के उत्सव की याद दिलाता है।