Meaning of

फ़रेब

fareb • فریب

धोखा; छल; माया

deception; trickery; illusion

فریب; دھوکہ; مکر

Arabic

ऐ मुझ को फ़रेब देने वाले
मैं तुझ पे यक़ीन कर चुका हूँ

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धोखा है इक फ़रेब है मंज़िल का हर ख़याल
सच पूछिए तो सारा सफ़र वापसी का है

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मेहनत तो करता हूँ फिर भी घर ख़ाली है बाबूजी
मिट्टी के कुछ दीपक ले लो दीवाली है बाबूजी

मिट्टी बेच रहा हूँ जिस
में कोई जाल फ़रेब नहीं
सोना चाँदी दूध मिठाई सब जा'ली है बाबूजी

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फ़रेब दे के उसे जीतना गवारा नहीं
अगर वो दिल से हमारा नहीं हमारा नहीं

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वो आफ़ताब लाने का देकर हमें फ़रेब
हम सेे हमारी रात के जुगनू भी ले गया

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फ़रेब दे गया इस सादगी से वो मुझ को
कि जुर्म सारा ही मजबूरियों के सर आया

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दुनिया ने तेरी याद से बेगाना कर दिया
तुझ से भी दिल-फ़रेब हैं ग़म रोज़गार के

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वो आफ़ताब लाने का देकर हमें फ़रेब
हम सेे हमारी रात के जुगनू भी ले गया

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वो नशा है के ज़बाँ अक़्ल से करती है फ़रेब
तू मिरी बात के मफ़्हूम पे जाता है कहाँ

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दिल-ओ-नज़र को अभी तक वो दे रहे हैं फ़रेब
तसव्वुरात-ए-कुहन के क़दीम बुत-ख़ाने

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ऐ मुझ को फ़रेब देने वाले
मैं तुझ पे यक़ीन कर चुका हूँ

23

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धोखा है इक फ़रेब है मंज़िल का हर ख़याल
सच पूछिए तो सारा सफ़र वापसी का है

76

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'फ़रेब' शब्द धोखे और माया की भावना को जागृत करता है। कविता में, यह अक्सर दिखावे की क्षणभंगुरता और सतह के नीचे छिपे सत्य का प्रतीक होता है।

कवि 'फ़रेब' का उपयोग विश्वासघात, सत्य और माया की द्वैतता, और लोगों द्वारा पहने जाने वाले मुखौटे की थीम में गहराई से उतरने के लिए करते हैं।

कविता के क्षेत्र में, 'फ़रेब' वास्तविकता और माया के बीच के नाजुक नृत्य को उजागर करता है।