Meaning of

फ़रेब-ए-निगाह

fareb-e-nigaah • فریب نگاہ

नज़र का धोखा; मृगतृष्णा

deception of the gaze; illusion

نگاہ کا دھوکہ; فریب

Persian

यह वाक्यांश दृष्टि के माध्यम से धोखे की सूक्ष्म कला को पकड़ता है। यह उन मृगतृष्णाओं की बात करता है जो आँखें पैदा कर सकती हैं, जिससे व्यक्ति वास्तविकता और धारणा पर सवाल उठाता है।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग अक्सर मृगतृष्णा बनाम वास्तविकता, दिखावे की धोखाधड़ी प्रकृति, और जो देखा जाता है उसके पीछे छिपे आंतरिक सत्य की खोज के लिए करते हैं।

प्रकाश और छाया के नृत्य में, नज़र अपने सबसे गहरे धोखे पाती है।