Meaning of

फ़रोग़-ए-हुस्न

farogh-e-husn • فروغ حسن

सुंदरता की चमक; आकर्षण की आभा

radiance of beauty; glow of charm

حسن کی روشنی; دلکشی کی چمک

Persian

उस के फ़रोग़-ए-हुस्न से झमके है सब में नूर शम-ए-हरम हो या हो दिया सोमनात का — Meer Taqi Meer
फ़ज़ा की गर्द में मुझ को फ़रोग़-ए-हुस्न दिखता है बयारों से कभी पूछो वो कितनी ख़ूब-सूरत है — Manohar Shimpi
उस के फ़रोग़-ए-हुस्न से झमके है सब में नूर शम-ए-हरम हो या हो दिया सोमनात का — Meer Taqi Meer

यह वाक्यांश सुंदरता की प्रकाशमय गुणवत्ता को दर्शाता है, एक आंतरिक प्रकाश का सुझाव देता है जो मोहित और मंत्रमुग्ध करता है। कविता में, यह अक्सर प्रिय या दिव्य के अजेय आकर्षण का प्रतीक होता है।

कवि 'फ़रोग़-ए-हुस्न' का उपयोग सुंदरता की मोहक उपस्थिति को उजागर करने के लिए करते हैं। यह अक्सर प्रिय के आकर्षण या दिव्य की कृपा से जुड़ा होता है। यह वाक्यांश सुंदरता की क्षणभंगुर प्रकृति को भी उजागर कर सकता है।

'फ़रोग़-ए-हुस्न' में, हमें सुंदरता की चमकदार आभा का उत्सव मिलता है। यह उस प्रकाश की काव्यात्मक याद दिलाता है जो सुंदरता दुनिया में लाती है, भले ही वह फीकी पड़ जाए।