Meaning of

फ़स्ल-ए-गुल

fasl-e-gul • فصل گل

फूलों का मौसम; खिलने का समय

season of flowers; time of blooming

پھولوں کا موسم; کھلنے کا وقت

Persian

बरसों से ही रहना कोई दश्त में होता है फिर भी जाने दिल में फ़स्ल-ए-गुल का मौसम क्यूँँ — Shekhar Mandal

मूल रूप में, 'फ़स्ल-ए-गुल' वसंत की छवि को उभारता है, जब प्रकृति जागती है और फूल प्रचुर मात्रा में खिलते हैं। कविता में, यह नवीनीकरण, सुंदरता और जीवन की क्षणभंगुरता का प्रतीक है। फूलों का खिलना आनंद और सुंदरता के उन क्षणों का रूपक बन जाता है जो क्षणिक होते हुए भी प्रिय होते हैं।

'फ़स्ल-ए-गुल' का उपयोग कवि अक्सर वसंत के आगमन और उसकी सुंदरता को दर्शाने के लिए करते हैं। इसे सर्दी की कठोरता के विपरीत रखा जाता है, जो आशा और नवीनीकरण का प्रतीक है। यह वाक्यांश अतीत की खुशियों के लिए उदासी या भविष्य की खुशी की प्रतीक्षा को भी उभार सकता है।

कविता के क्षेत्र में, 'फ़स्ल-ए-गुल' जीवन की क्षणभंगुर सुंदरता का सार पकड़ता है। यह हमें आनंद के क्षणभंगुर क्षणों को संजोने की याद दिलाता है।