Meaning of

फ़ाश

faash • فاش

स्पष्ट; प्रकट; खुला

obvious; manifest; blatant

واضح; ظاہر; کھلا

Arabic

तू ने ये क्या ग़ज़ब किया मुझ को भी फ़ाश कर दिया मैं ही तो एक राज़ था सीना-ए-काएनात में — Allama Iqbal

फ़ाश, अपने मूल में, किसी चीज़ के बिना किसी आवरण के स्पष्ट होने का विचार व्यक्त करता है। कविता में, यह अक्सर सत्य की स्पष्टता या रहस्योद्घाटन की साहसिकता को उजागर करता है।

कवि 'फ़ाश' का उपयोग कुछ सच्चाइयों की अनिवार्यता को उजागर करने के लिए करते हैं। इसे छिपे या सूक्ष्म तत्वों के विपरीत उपयोग किया जा सकता है, जिससे स्पष्टता की भावना उत्पन्न होती है।

फ़ाश सत्य की शक्ति को प्रकट करता है, बिना किसी अलंकरण के, उन लोगों के लिए एक प्रकाशस्तंभ है जो काव्यात्मक क्षेत्र में स्पष्टता की खोज करते हैं।