Meaning of

फ़ित्ना

fitna • فتنہ

उपद्रव; विद्रोह; अराजकता

mischief; sedition; chaos

فساد; بغاوت; انتشار

Arabic

मूल रूप से, 'फ़ित्ना' उपद्रव या विद्रोह की स्थिति को दर्शाता है, जिसमें नैतिक या सामाजिक उथल-पुथल का भाव होता है। कविता में, यह मानव आत्मा या समाज के भीतर के उथल-पुथल और संघर्षों की भावनाओं को व्यक्त करता है।

'फ़ित्ना' का उपयोग कवि अक्सर प्रेम की अराजकता या सौंदर्य से उत्पन्न उथल-पुथल को दर्शाने के लिए करते हैं। यह जुनून की विघटनकारी शक्ति या सौंदर्य से उत्पन्न सामाजिक असंतोष का प्रतीक हो सकता है।

'फ़ित्ना' अपनी काव्यात्मक सार में सौंदर्य और अराजकता की द्वैतता को समेटे हुए है, सृजन और विनाश के बीच के नाजुक संतुलन की याद दिलाता है।