Meaning of

फ़ुर्सत-ए-गुनाह

fursat-e-gunah • فرصت گناہ

पाप के लिए अवकाश; अपराध के लिए समय

leisure for sin; time for transgression

گناہ کے لیے فرصت; جرم کے لیے وقت

Persian

इक फ़ुर्सत-ए-गुनाह मिली वो भी चार दिन देखे हैं हम ने हौसले परवरदिगार के — Faiz Ahmad Faiz

यह वाक्यांश उस क्षण का सुझाव देता है जब कोई निषिद्ध इच्छाओं में लिप्त होने के लिए स्वतंत्र होता है। यह प्रलोभन और उसके बाद के नैतिक संघर्ष की भावना को वहन करता है।

कवि इसका उपयोग नैतिक अस्पष्टता और निषिद्ध के आकर्षण की थीम का पता लगाने के लिए करते हैं। यह अक्सर कर्तव्य और इच्छा के बीच फटे चरित्र की आंतरिक उथल-पुथल को दर्शाता है।

फ़ुर्सत-ए-गुनाह के शांत क्षणों में, आत्मा अपनी ही छायाओं से जूझती है।