Meaning of

बज़्म-ए-याराँ

bazm-e-yaaraan • پھری

मित्रों की सभा; साथियों की महफ़िल

gathering of friends; assembly of companions

دوستوں کی محفل; ساتھیوں کی مجلس

Persian

तुझी को देखूँगा जब तक हैं बरक़रार आँखें मिरी नज़र न फिरेगी तिरी नज़र की तरह — Meer anees
कब तक शदीद दर्द उठाए फिरेंगे हम अब ख़ुशियों के कपाट को खुल जाना चाहिए — Shekhar Mandal
और फिर लोग यही कहते फिरेंगे इक दिन यार कल ही तो मेरी बात हुई थी उस सेे — Saad Ahmad
चाँद को भी देखना है चाँद की तौहीन है ये एक ही है चाँद किस किस को नज़र आता फिरेगा — Ganesh gorakhpuri
दिन गुज़रता है बज़्म-ए-याराँ में रात तन्हाई में बिताता हूँ — Divyansh Rawat

'बज़्म-ए-याराँ' उस सभा की गर्मजोशी और मित्रता को दर्शाता है जहाँ दिल और दिमाग मिलते हैं। यह हंसी, साझा कहानियों और साथीपन की कोमल चमक से भरी जगह का सुझाव देता है।

कवि 'बज़्म-ए-याराँ' का उपयोग आनंदमय पुनर्मिलनों के दृश्य चित्रित करने या प्रिय मित्रों के साथ बिताए समय को याद करने के लिए करते हैं। यह अक्सर अकेलेपन के साथ साझा क्षणों की समृद्धि का विरोधाभास करता है।

'बज़्म-ए-याराँ' मित्रता और साझा खुशी की स्थायी शक्ति का प्रमाण है।