Meaning of

बन-सँवर

ban-sanwar • بن سنور

सजाया हुआ; अलंकृत

adorned; embellished

سجا ہوا; مزین

Sanskrit

बन सँवर के दरमियाँ जब आई तुम फिर नज़र तुम को हमारी लग गई — jaani Aggarwal taak
इस तरफ़ मैं ने तौबा मुहब्बत से की उस तरफ़ से वो फिर बन-सॅंवर आ गए — 'June' Sahab Barelvi
बड़ी अजीब सी रौनक़ है आज गलियों में सुना है आप यहाँ बन-सँवर के गुज़रे थे — Aqib khan

'बन-सँवर' का मूल अर्थ है सजाने या अलंकृत करने की क्रिया, जो अक्सर सुंदरता और तैयारी से जुड़ी होती है। कविता में, यह सादगी से सुंदरता की ओर परिवर्तन को दर्शाता है, अपनी उपस्थिति को निखारने की सूक्ष्म कला।

प्रकृति या स्वयं के परिवर्तन को दर्शाता है। तैयारी में सुंदरता को उजागर करने के लिए उपयोग किया जाता है। अक्सर कच्चे या असंवर्धित अवस्थाओं के विपरीत होता है।

कविता में, 'बन-सँवर' प्रकृति और पोषण, सादगी और परिष्कार के बीच नाजुक संतुलन को दर्शाता है।