अकेलापन बहुत अच्छा है मुझको
तिरा मिलना भी अब धोका है मुझको
तिरा अब मुस्कुराना बे-सबब है
यही हाँ बस यही कहना है मुझको
मैं जाना चाहता हूँ बचपने में
शुरू से सब शुरू करना है मुझको
मुहब्बत का दिखावा करने वाले
हुनर ये अच्छे से आता है मुझको
न आ रस्ते मिरे वरना कहेगा
कि ये कैसी जगह छोड़ा है मुझको
हमेशा मैं ही थोड़े देखता हूँ
उसी ने इस दफा देखा है मुझको
इजाज़त की तलब क्यों है भला अब
तुझे जाना है ना? जा क्या है मुझको
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