Meaning of

बिरह

birah • برہ

वियोग; तड़प

separation; longing

جدائی; تڑپ

Sanskrit

न शब-ओ-रोज़ ही बदले हैं न हाल अच्छा है किस बरहमन ने कहा था कि ये साल अच्छा है — Ahmad Faraz
देखिए पाते हैं उश्शाक़ बुतों से क्या फ़ैज़ इक बरहमन ने कहा है कि ये साल अच्छा है — Mirza Ghalib
ऐ आसमाँ किस लिए इस दर्जा बरहमी हम ने तो तिरी सम्त इशारा नहीं किया — Ambreen Haseeb Ambar
उस ने पुकारा नाम जब आधी तो फिर धड़कन रुकी फिर पूरे इस ब्रह्माण्ड को हम ने धड़कते देखा है — Divya 'Kumar Sahab'
जिस बरहमन ने कहा है कि ये साल अच्छा है उस को दफ़नाओ मिरे हाथ की रेखाओं में — Qateel Shifai
न हो बरहम जो बोसा बे-इजाज़त ले लिया मैं ने चलो जाने दो बे-ताबी में ऐसा हो ही जाता है — Jalal Lakhnavi
ज़िन्दगी का कोई पल जब मुझ को बरहम सा लगा दोस्त बन कर तब मेरे तू दिल पे मरहम सा लगा — Dr Bhagyashree Joshi

‘बिरह’ शब्द वियोग और तड़प की गहरी भावनात्मक स्थिति को दर्शाता है। अपने मूल अर्थ में, यह प्रेमियों के बीच की शारीरिक और भावनात्मक दूरी को इंगित करता है। कविता ने इसे आत्मा की लालसा तक विस्तारित किया है, एक ऐसी तड़प जो भौतिक क्षेत्र से परे जाकर आध्यात्मिकता को छूती है।

कवि अक्सर 'बिरह' का उपयोग भाग्य या परिस्थिति द्वारा अलग हुए प्रेमियों के दर्द को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह एक ऐसी लालसा का प्रतीक है जो शारीरिक दूरी और भावनात्मक शून्यता दोनों को दर्शा सकता है। यह शब्द मिलन के क्षणों के साथ भी विपरीतता में आता है, प्रेम की तीव्रता को उजागर करता है।

कविता के क्षेत्र में, 'बिरह' प्रेम और तड़प की स्थायी शक्ति का प्रमाण है। यह मानव भावना के सार को उसकी सबसे गहन रूप में पकड़ता है।