Meaning of

बुत

but • بت

मूर्ति; प्रतिमा; प्रिय

idol; statue; beloved

بت; مجسمہ; محبوب

Persian

ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है — Allama Iqbal
उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी — Ali Zaryoun
देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं — Varun Anand
शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं — Jaun Elia
सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ — Jaun Elia
जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है — Shabeena Adeeb

‘बुत’ शब्द में पूजा और श्रद्धा का भार होता है। काव्यात्मक अभिव्यक्तियों में, यह अक्सर प्रिय का प्रतीक होता है, जिसे सौंदर्य और पूर्णता की मूर्ति के रूप में देखा जाता है, जो हृदय की भक्ति को पकड़ता है।

कवि ‘बुत’ का उपयोग अप्राप्य सौंदर्य या गहरे स्नेह के वस्तु की छवि को उभारने के लिए करते हैं। यह आध्यात्मिक भक्ति और सांसारिक प्रेम के बीच संघर्ष का भी प्रतिनिधित्व कर सकता है, जो शास्त्रीय कविता में एक आवर्ती विषय है।

कविता में, ‘बुत’ अपने शाब्दिक अर्थ से परे जाकर आदर्श प्रेम और सौंदर्य का प्रतीक बन जाता है। यह पाठक को भक्ति और इच्छा की प्रकृति पर विचार करने के लिए आमंत्रित करता है।