Meaning of

बेख़याली

bekhayaali • بے خیالی

अन्यमनस्कता; ध्यान भटकना

absent-mindedness; distraction

غفلت; توجہ کا ہٹ جانا

Persian

तेरे ख़याल में थे गुम अपना ख़याल किस को था
ऐसी भी बे-ख़याली का यार मलाल किस को था

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बात करते हुए बे-ख़याली में ज़ुल्फ़ें खुली छोड़ दी
हम निहत्थों पे उस ने ये कैसी बलाएँ खुली छोड़ दी

साथ जब तक रहे एक लम्हे को भी रब्त टूटा नहीं
उस ने आँखें अगर बंद कर ली तो बाँहें खुले छोड़ दी

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ख़ुद को मेरे दिल में रख कर भूल जा
बेख़याली इस कदर बढ़ जाने दे

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बद-हवा सेी है बे-ख़याली है
क्या ये हालत भी कोई हालत है

ज़िंदगी से है जंग शाम-ओ-सहर
मौत से शिकवा है शिकायत है

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कभी सुकून मुयस्सर नहीं हुआ मुझ को
दिल ए फ़क़ीर दुखाया था बेख़याली में

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हाथ झाड़े थे बे-ख़याली में
गिर गए यार आस्तीनों से

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तेरे ख़याल में थे गुम अपना ख़याल किस को था
ऐसी भी बे-ख़याली का यार मलाल किस को था

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बात करते हुए बे-ख़याली में ज़ुल्फ़ें खुली छोड़ दी
हम निहत्थों पे उस ने ये कैसी बलाएँ खुली छोड़ दी

साथ जब तक रहे एक लम्हे को भी रब्त टूटा नहीं
उस ने आँखें अगर बंद कर ली तो बाँहें खुले छोड़ दी

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'बेख़याली' एक ऐसी मानसिक स्थिति को दर्शाता है जहाँ व्यक्ति विचारों में खोया हुआ होता है, आस-पास के वातावरण से अलग। कविता में, यह अक्सर एक गहरे भावनात्मक उथल-पुथल या लालसा को दर्शाता है, जहाँ दिल अधूरी इच्छाओं में उलझा होता है।

कवि 'बेख़याली' का उपयोग प्रेमी के आंतरिक संघर्ष को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह भावनाओं की भूलभुलैया में भटकते मन को दर्शाता है। यह शब्द लालसा और वियोग के दर्द का सार पकड़ता है।

कविता में, 'बेख़याली' दिल के भीतर की मौन लड़ाइयों को प्रकट करता है। यह लालसा की बेचैन आत्मा का प्रमाण है।