Meaning of

बेग़ैरत

begairat • بےغیرت

बेशर्म; बेइज़्ज़त

shameless; dishonorable

بےشرم; بےعزت

Persian

यारों मैं ही हूँ वो बेग़ैरत शख़्स "हाफ़ी" ने जिस पर लानत भेजी है — Sohaib Alvi
"बीते लम्हें" जो थे हर लम्हे में सिर्फ़ मेरे उन सेे अब साझा हम जज़्बात नहीं करते जो कुछ वक़्त बात न होने पर नाराज़ हुआ करते थे हाँ यार उन सेे अब हम बात नहीं करते जिन की ज़ुल्फ़ों में थी हर छाँव मेरी वो अब इस बेग़ैरत धूप में भी बरसात नहीं करते जिन के लबों से हम इश्क़ पढ़ा करते थे अब ग़म हो या ख़ुशी हम मुलाक़ात नहीं करते याद आए मुझे उन के सात जन्मों के कुछ वादे कमबख़्त इस जन्म में भी वादों के साथ नहीं चलते जिन्होंने सिखाया था मुझे चलने का हुनर वो अब गिर जाने पर भी आगे हाथ नहीं करते हर्फ़-ए-इश्क़ सीखा हम ने जिन दिलो से वो दिल भी अब दिल का काम नहीं करते आँसू भी अब सूखे से आते है हुज़ूर ये आँसू भी ठीक से ख़ैरात नहीं करते — Hashim Khan

बेग़ैरत शब्द सामाजिक और व्यक्तिगत बेइज़्ज़ती का गहरा बोझ लिए होता है। अपने मूल अर्थ में, यह शर्म या इज़्ज़त की कमी को दर्शाता है, अक्सर किसी के चरित्र की आलोचना के लिए उपयोग किया जाता है। कविता में, यह विश्वासघात के गहरे दर्द या सामाजिक निर्णय की चुभन को व्यक्त कर सकता है।

कवि अक्सर 'बेग़ैरत' का उपयोग विश्वासघात और सामाजिक तिरस्कार के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह एक ऐसे चरित्र के आंतरिक संघर्ष को उजागर कर सकता है जो सामाजिक मानदंडों की अवहेलना करता है। यह शब्द इज़्ज़त और सम्मान के आदर्शों के विपरीत है, जो काव्यात्मक अन्वेषण के लिए उपयुक्त तनाव पैदा करता है।

कविता में, 'बेग़ैरत' सम्मान और अपमान के बीच जटिल नृत्य का प्रतिबिंब बन जाता है। यह पाठकों को सामाजिक निर्णय की सीमाओं पर विचार करने के लिए आमंत्रित करता है।