Meaning of

बेपनाह

bepanaah • التجا

असीम; अनंत

limitless; boundless

بے حد; لا محدود

Persian

कहीं वो आ के मिटा दें न इंतिज़ार का लुत्फ़ कहीं क़ुबूल न हो जाए इल्तिजा मेरी — Hasrat Jaipuri
उस से उल्फ़त की इल्तिजा करना या'नी पत्थर को पूजते जाना — Haresh Vanza
मुख़्तसर सी तेरी जो मोहब्बत मिले आप से दिल की ये इल्तिजा हो गई — Roohgarg
इसे तो लोग जहन्नुम बता रहे हैं, ख़ुदा है तुझ सेे इल्तिजा ख़ुद आ के देख ले दुनिया — Neeraj Naveed
मैं वो शख़्स हूँ जो ख़ुद से ख़फ़ा हूँ लेकिन है इतनी इल्तेजा तुम कभी नाराज़ मत होना — Aryan Goswami
जान-ए-मन मैं आइनों में भी तुम्हारा रूप देखता जो हूँ कभी तो इल्तिजा के साथ — Rakesh Mahadiuree
चीख़ निकलेगी आह निकलेगी अब तो ये बेपनाह निकलेगी — Hameed Sarwar Bahraichi
न हो अब मुहब्बत यही इल्तिजा है मुहब्बत मुहब्बत नहीं इक सज़ा है — Mohammad Talib Ansari
दूर होते न क्यूँँ हम कहो इल्तिजा आख़िरी उस की थी — Nainsee Gupta 'Nayantara'

बेपनाह अनंतता की भावना को व्यक्त करता है, सीमाओं की अनुपस्थिति। कविता में, यह अक्सर भावनाओं या स्थितियों को दर्शाता है जो अत्यधिक और नियंत्रण से परे होती हैं।

कवि बेपनाह का उपयोग प्रेम को वर्णित करने के लिए करते हैं जो सीमाओं को नहीं जानता, दुःख जो असीम है, या आनंद जो अव्यक्त है।

बेपनाह उन भावनाओं के सार को पकड़ता है जो सीमाओं को चुनौती देती हैं, पाठक को भीतर की विशालता का अन्वेषण करने के लिए आमंत्रित करती हैं।