Meaning of

बेरुख़ी

berukhi • بے رخی

उदासीनता; ठंडापन; दूरी

indifference; coldness; aloofness

بے اعتنائی; سرد مہری; دوری

Persian

तुम्हारी बेरुख़ी के ठीक पीछे हमारा इश्क़ भी तो पल रहा है — Umesh Maurya
तुम्हारी बेरुख़ी अब सह नहीं पाते हमें तुम मार दो अब जान से जानाँ — ABhishek Parashar
तेरी बेरुख़ी ने किया है जो आतिशपा मुझे मौत आए तेरी याद आने पर — Umrez Ali Haider
तीसरी दफ़ा हम सब कुछ समझ गए जानी तीसरी दफा भी तुम ने कहा नहीं कुछ भी — Arohi Tripathi
तेरी बेरुखी के सबब एक डर है किसी दिन नज़र भी न आया तू तो फिर — Jagat Singh
दिलों में इत्तिफ़ाक़न बेकसी कैसे किसी भी मुद्दआ' से बे-रुख़ी कैसे — Manohar Shimpi

बेरुख़ी एक भावनात्मक दूरी का एहसास कराता है, जो गर्मजोशी और संलग्नता से जानबूझकर या अनजाने में वापसी को दर्शाता है। कविता में, यह अक्सर एकतरफा प्रेम की ठंडक या स्नेह से अछूते दिल की एकांतता को उजागर करता है।

'बेरुख़ी' का उपयोग कवि भावनात्मक अलगाव और उपेक्षा के दर्द की थीम को उजागर करने के लिए करते हैं। यह 'मोहब्बत' जैसे शब्दों के विपरीत स्नेह की अनुपस्थिति को दर्शाता है। अक्सर प्रेमी की शिकायत या भाग्य की ठंडक को चित्रित करने के लिए उपयोग किया जाता है।

कविता के क्षेत्र में, 'बेरुख़ी' दिलों के बीच मौन स्थानों की गवाही देता है। यह वह छाया है जो लालसा के प्रकाश को परिभाषित करती है।