Meaning of

बे-ख़याल

be-khayaal • بے خیال

अनमना; विचारों में खोया

absent-minded; lost in thought

بے دھیان; خیالات میں گم

Persian

बे वजह ही नहीं मुझ को भाती है वो दोस्तों चाय अच्छी बनाती है वो — Aatish Indori
तेरे ख़याल में थे गुम अपना ख़याल किस को था ऐसी भी बे-ख़याली का यार मलाल किस को था — MIR SHAHRYAAR
मैं बे-ख़याल कभी धूप में निकल आऊँ तो कुछ सहाब मिरे साथ साथ चलते हैं — Farhat Abbas Shah
क्यूँँ रोऊँ बे वजह मैं तुझे याद क्यूँँ करूँँ ख़ुद को तेरे फिराक़ में बर्बाद क्यूँँ करूँँ — Shajar Abbas
हाथ झाड़े थे बे-ख़याली में गिर गए यार आस्तीनों से — umar udas

'बे-ख़याल' शब्द वर्तमान क्षण से दूर बहने की स्थिति का सुझाव देता है, अपने विचारों में खोया हुआ। कविता में, यह आत्मनिरीक्षण की भावना और वास्तविकता और कल्पना के बीच नाजुक संतुलन को पकड़ता है।

कवि 'बे-ख़याल' का उपयोग ऐसे पात्रों को चित्रित करने के लिए करते हैं जो स्वप्नद्रष्टा हैं, अक्सर सांसारिक और अलौकिक के बीच फंसे होते हैं। यह गहन चिंतन और रचनात्मकता की अनुमति देने वाली स्थिति है।

कविता के क्षेत्र में, 'बे-ख़याल' हमें अपने मन के परिदृश्यों में भटकने के लिए आमंत्रित करता है, जहाँ वास्तविकता और सपने आपस में मिलते हैं।