Meaning of

बे-क़रार

be-qaraar • بے قرار

बेचैन; अस्थिर; अधीर

restless; uneasy; impatient

بے چین; بے قرار; بے صبر

Persian

झुकी झुकी सी नज़र बे-क़रार है कि नहीं दबा दबा सा सही दिल में प्यार है कि नहीं — Kaifi Azmi
रुके रुके से क़दम रुक के बार बार चले क़रार दे के तिरे दर से बे-क़रार चले — Gulzar
छत पे सिगरेट ले के बैठा है चाँद भी बे-क़रार है शायद — Satya Prakash Soni
हमें भी नींद आ जाएगी हम भी सो ही जाएँगे अभी कुछ बे-क़रारी है सितारो तुम तो सो जाओ — Qateel Shifai
न आया ग़म भी मोहब्बत में साज़गार मुझे वो ख़ुद तड़प गए देखा जो बे-क़रार मुझे — Asad Bhopali
इक बे-क़रार दिल से मुलाक़ात कीजिए जब मिल गए हैं आप तो कुछ बात कीजिए — Naushad Ali
ख़ुश भी हो लेते हैं तेरे बे-क़रार ग़म ही ग़म हो इश्क़ में ऐसा नहीं — Firaq Gorakhpuri
जो चराग़ सारे बुझा चुके उन्हें इंतिज़ार कहाँ रहा ये सुकूँ का दौर-ए-शदीद है कोई बे-क़रार कहाँ रहा — Ada Jafarey
ज़िन्दगी का मुक़द्दर सफ़र-दर-सफ़र आख़िरी साँस तक बे-क़रार आदमी — Nida Fazli

'बे-क़रार' बेचैनी की स्थिति को दर्शाता है, एक ऐसी लालसा जो दिल की शांति को भंग करती है। कविता में, यह लालसा और इच्छा की मानवीय स्थिति को दर्शाता है, अक्सर इसे तात्कालिकता और भावनात्मक गहराई के साथ चित्रित किया जाता है।

कवि 'बे-क़रार' का उपयोग अधूरी इच्छाओं की तात्कालिकता को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह एक ऐसा शब्द है जो लालसा के सार को पकड़ता है, जो हमेशा पहुंच से बाहर रहता है।

'बे-क़रार' लालसा की धड़कन है, हमारे भीतर के बेचैन आत्मा की याद दिलाता है।