Meaning of

बज़ाहिर

bazahir • بظاہر

प्रकट रूप से; दिखने में

apparently; seemingly

ظاہری طور پر; بظاہر

Arabic

ब-ज़ाहिर पारसाओं का लबादा ओढ़ने वालों नहीं तुम तोड़ पाओ गे वतन को तोड़ने वालों — Javed Aslam
ब-ज़ाहिर लाख गर्द आलूद कर दे वक़्त की आँधी नुमायाँ दस्तरस दिल में तिरी तस्वीर होती है — Javed Aslam
इस आँख से दो अश्क छलक भी गए तो क्या रोना तो ब-ज़ाहिर मिरा किरदार नहीं है — Shekhar Mandal
हाल अब भी वही है जो था हम ब-ज़ाहिर कमाने लगे — SHADAB SHABBIRI

'बज़ाहिर' शब्द बाहरी रूप और सतही स्तर की बात करता है। कविता में, यह अक्सर दिखावे और उसके पीछे छिपी सच्चाई के बीच के अंतर को दर्शाता है, पाठकों को दिखावे के पीछे की सच्चाई पर प्रश्न करने के लिए प्रेरित करता है।

'बज़ाहिर' का उपयोग कवि धोखे और छिपी सच्चाइयों के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह अक्सर उन पंक्तियों में आता है जो वास्तविकता पर प्रश्न उठाते हैं या दिखावे और सार के बीच के अंतर को उजागर करते हैं।

कविता की दुनिया में, 'बज़ाहिर' यह याद दिलाता है कि हर चीज वैसी नहीं होती जैसी दिखती है।