Meaning of

रंज-ओ-अलम

ranj-o-alam • رنج و الم

दुःख और पीड़ा; शोक और कष्ट

sorrow and pain; grief and suffering

دکھ اور تکلیف; غم اور مصیبت

Persian

आलम में करते हो नुमाइश इस क़दर रंज-ओ-अलम की ये लब नहीं खुलते जो ग़म ना-क़ाबिल-ए-बरदाश्त होता — Prakash Pandey
सहीह से मैं तो अपना रंज-ओ-अलम दिखा भी नहीं पाया अगरचे मैं ने वो सब किया जो जुदाई में लोग करते हैं — Naresh sogarwal 'premi'
ठीक है ये तेरे दिलासे मगर मेरे रंज-ओ-अलम ज़ियादा हैं — Sohil Barelvi
हाए उस ने भी मुझे रंज-ओ-अलम बख़्शे हैं जो ये कहती थी मिरी पहली मोहब्बत हो तुम — Amir Ghazi
पता था उस से बिछड़ते ही दोस्त घेरेंगे वही हुआ मुझे रंज-ओ-अलम ने घेर लिया — Umair Najmi

रंज-ओ-अलम गहरे भावनात्मक उथल-पुथल का सार पकड़ता है। यह एक ऐसा वाक्यांश है जो दिल के संघर्षों और आत्मा की मौन पुकारों के साथ गूंजता है, अक्सर मानव पीड़ा की तीव्रता को व्यक्त करने के लिए उपयोग किया जाता है।

कवि अक्सर अस्तित्वगत निराशा और मानव स्थिति के विषयों में गहराई से जाने के लिए रंज-ओ-अलम का उपयोग करते हैं। यह दुःख की गहराई और पीड़ा की सार्वभौमिकता को व्यक्त करने का एक शक्तिशाली उपकरण है।

रंज-ओ-अलम मानव आत्मा की दृढ़ता का प्रमाण है, साझा पीड़ा में पाई जाने वाली गहरी सुंदरता को पकड़ता है।