Meaning of

रज्म

rajm • رجم

पत्थर मारना; पत्थरों से दंड

stoning; punishment by stones

پتھر مارنا; پتھروں سے سزا

Arabic

मिरी रूह की हक़ीक़त मिरे आँसुओं से पूछो मिरा मज्लिसी तबस्सुम मिरा तर्जुमाँ नहीं है — Mustafa Zaidi
सूरज है तू मिरा तुझे मैं देख कर खिलूँ सूरज-मुखी के फूल सी है ज़िंदगी मेरी — Shivam Rathore
कसीदे क्या पढूँ मैं हुस्न की ता'रीफ़ में उस के मियाँ तुम समझो बस इतना नज़र-भर के अगर सूरज-मुखी भी उस को देखे तो उसी की ओर हो जाए — Sandeep dabral 'sendy'
मिला है इश्क़ में जो बे-वफ़ा ग़ज़ाला से वो दर्द वक़्त से भी तर्जुमा न होगा कभी — A R Sahil "Aleeg"
मुझे मिला जो किसी बे-वफ़ा ग़ज़ाला से वो दर्द वक़्त से भी तर्जुमा न होगा कभी — A R Sahil "Aleeg"
नहीं मिलते हैं मेरे लोग वैसे मिले सूरज-मुखी जैसे किरन से — Shivam chaubey

'रज्म' का मूल अर्थ पत्थर मारने की क्रिया है, जो एक कठोर दंड का रूप है। कविता में, यह कठोरता और निर्णय की छवियों को उभारता है, अक्सर सामाजिक निंदा या आंतरिक अपराधबोध का प्रतीक होता है।

'रज्म' का उपयोग कवि सामाजिक निर्णय के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह सार्वजनिक राय की कठोरता या अपराधबोध के आंतरिक संघर्ष का प्रतीक हो सकता है। यह क्षमा और मुक्ति के विषयों के विपरीत है।

कविता के क्षेत्र में, 'रज्म' निर्णय के भार की एक कठोर याद दिलाता है। यह कवि को निंदा और करुणा के बीच नेविगेट करने की चुनौती देता है।