Meaning of

रश्क-ए-बहार

rask-e-bahaar • رشک بہار

वसंत की ईर्ष्या; सुंदरता की प्रशंसा

envy of spring; admiration for beauty

رشک بہار; حسن کی تعریف

Persian

रश्क-ए-बहार वसंत की सुंदरता और नवीनीकरण की ईर्ष्या की जटिल भावना को पकड़ता है। मूल रूप से, यह मौसम की जीवंतता की ईर्ष्या को दर्शाता है। कविता में, यह सुंदरता की प्रशंसा और अपने जीवन में ऐसे नवीनीकरण की लालसा की मधुर-कड़वी प्रकृति को व्यक्त करता है।

कवि रश्क-ए-बहार का उपयोग प्रशंसा और ईर्ष्या के बीच के तनाव को व्यक्त करने के लिए करते हैं। इसका उपयोग सुंदरता और नवीनीकरण की लालसा का वर्णन करने के लिए किया जाता है, अक्सर अपने आंतरिक सर्दी और बाहरी वसंत के बीच के विपरीत को उजागर करता है।

रश्क-ए-बहार ईर्ष्या और प्रशंसा के अनंत नृत्य को समेटे हुए है। यह सुंदरता और लालसा का शब्द है, हमेशा खिलता हुआ।