Meaning of

रस्म-ए-उश्शाक़

rasm-e-ushshaq • رسم عشاق

प्रेमियों की रस्म; जुनून की प्रथा

custom of lovers; ritual of passion

عاشقوں کی رسم; جنون کی رسم

Persian

रस्म-ए-उश्शाक़ यही है कि वफ़ा करते हैं या'नी हर हाल में हक़ अपना अदा करते हैं — Muawiyah Zafar Ghazali Mustafai

मूल रूप से 'रस्म-ए-उश्शाक़' प्रेमियों के बीच की उन परंपराओं या रिवाजों को संदर्भित करता है जिनमें वे भाग लेते हैं। कविता ने इसे उन मौन, अनकहे नियमों तक विस्तारित कर दिया है जो दिलों को जोड़ते हैं, अक्सर लालसा और अधूरी इच्छाओं से भरे होते हैं।

'रस्म-ए-उश्शाक़' का उपयोग कवि अक्सर प्रेम के शाश्वत नृत्य को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह उन रस्मों का सुझाव देता है जो प्रेमी बनाते हैं, कभी-कभी सामाजिक मानदंडों की अवहेलना में। यह शब्द जुनून और संयम के बीच के तनाव से भरपूर है।

कविता की दुनिया में, 'रस्म-ए-उश्शाक़' प्रेम की रस्मों के नाजुक संतुलन को पकड़ता है। यह मौन प्रतिज्ञाओं की स्थायी शक्ति का प्रमाण है।