Meaning of

रह-ए-तलब

rah-e-talab • رہ طلب

इच्छा का मार्ग; खोज की यात्रा

path of desire; journey of seeking

خواہش کا راستہ; تلاش کا سفر

Persian

रह-ए-तलब में किसे आरज़ू-ए-मंज़िल है शुऊर हो तो सफ़र ख़ुद सफ़र का हासिल है — Ghulam Rabbani Taban

यह वाक्यांश एक गहरी तड़प और खोज की भावना को जागृत करता है, जहाँ दिल की गहरी इच्छाएँ मार्गदर्शक होती हैं। कविता में, यह अक्सर प्रेम, सत्य या आध्यात्मिक ज्ञान की खोज का प्रतीक होता है, जो आशा और अनिश्चितता से भरे मार्ग का सार प्रस्तुत करता है।

कवि अक्सर इस वाक्यांश का उपयोग प्रेमी या खोजकर्ता की आंतरिक यात्रा को चित्रित करने के लिए करते हैं। यह मार्ग में आने वाली संघर्षों और विजय का प्रतिनिधित्व कर सकता है। यह वाक्यांश स्थिरता की छवियों के विपरीत है, जो गति और विकास पर जोर देता है।

'रह-ए-तलब' अपने सार में जीवन की अनंत खोज का रूपक है। यह हमें याद दिलाता है कि यात्रा स्वयं गंतव्य जितनी ही महत्वपूर्ण है।