Meaning of

रह-जन

rah-jan • رہ زن

डाकू; लुटेरा

highwayman; robber

ڈاکو; لٹیرا

Persian

मेरी मानो, सँभल जाओ, पकड़ लो रास्ता घर का मोहब्बत चार दिन की है ख़सारा ज़िंदगी भर का — Guru Gunour
सब के सब बन रहे हैं अब रहबर शहर भर में है जितने भी रह-जन — A R Sahil "Aleeg"
दिल-ए-नादाँ इसे तस्लीम कर ले ग़म-ए-हस्ती रफ़ीक़-ए-ज़िंदगी है — Shajar Abbas
जगमगाती रौशनी के पीछे भी है इक अँधेरा बोलो ना ये देख चेहरा ज़िंदगी देखी नहीं है — Nainsee Gupta 'Nayantara'
जग उठा हूँ रह-ए-ज़िंदा में सो जलना पड़े है मैं वगरना वो दिया हूँ जिसे ज़ुल्मत है पसंद — Chetan Verma

'रह-जन' शब्द सुनसान रास्तों पर छिपे हुए रहस्यमय आकृतियों की छवियाँ प्रस्तुत करता है, जो खतरे और रहस्य दोनों को दर्शाता है। कविता में, यह अक्सर जीवन की यात्रा में आने वाली अप्रत्याशित चुनौतियों और परीक्षाओं का प्रतीक है।

कवि 'रह-जन' का उपयोग खतरे और रहस्य के विषयों का अन्वेषण करने के लिए करते हैं, अक्सर जीवन की अप्रत्याशित प्रकृति के लिए एक रूपक के रूप में। यह घर की सुरक्षा के विपरीत है, अज्ञात के आकर्षण और खतरे को उजागर करता है।

अपने काव्यात्मक सार में, 'रह-जन' सुरक्षा और साहसिकता के बीच के तनाव को पकड़ता है, हमें साहस के साथ अज्ञात को गले लगाने का आग्रह करता है।