Meaning of

राख़

raakh • راخ

राख; अवशेष; बचा हुआ

ash; remains; residue

راکھ; باقیات; بچا ہوا

Persian

पिछले बरस भी हम ने कलाई सजाई थी
राखी के धागे आज भी कच्चे नहीं पड़े

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कैसे आकाश में सूराख़ नहीं हो सकता
एक पत्थर तो तबीअ'त से उछालो यारो

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किसी के ज़ख़्म पर चाहत से पट्टी कौन बाँधेगा
अगर बहनें नहीं होंगी तो राखी कौन बाँधेगा

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तुम्हारे आने की उम्मीद बर नहीं आती
मैं राख होने लगा हूँ दिए जलाते हुए

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जला है जिस्म जहाँ दिल भी जल गया होगा
कुरेदते हो जो अब राख जुस्तजू क्या है

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फिर नए साल की सरहद पे खड़े हैं हम लोग
राख हो जाएगा ये साल भी हैरत कैसी

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ख़ुशियाँ जेबों में गिर आईं
भागी संकट की आँधी है

ताबीज़ बना कर जब सबकी
बहनों ने राखी बाँधी है

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गुलशन से कोई फूल मुयस्सर न जब हुआ
तितली ने राखी बाँध दी काँटे की नोक पर

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बिजली की तरह लचक रहे हैं लच्छे
भाई के है बांधी चमकती राखी

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मैं ने तो यूँँही राख में फेरी थीं उँगलियाँ
देखा जो ग़ौर से तिरी तस्वीर बन गई

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पिछले बरस भी हम ने कलाई सजाई थी
राखी के धागे आज भी कच्चे नहीं पड़े

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कैसे आकाश में सूराख़ नहीं हो सकता
एक पत्थर तो तबीअ'त से उछालो यारो

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मूल रूप में 'राख' जलने के बाद बची हुई चीज़ को दर्शाता है, जो कभी था उसका प्रतीक है। कविता में यह हानि, परिवर्तन और जीवन की क्षणभंगुरता के विषयों को उभारता है।

'राख' का उपयोग कवि अक्सर जुनून या विनाश के बाद के परिणाम को दर्शाने के लिए करते हैं। यह एक संबंध के अंत या कभी जीवंत जीवन के अवशेषों का प्रतीक हो सकता है।

राख हमें अस्तित्व की क्षणभंगुर सुंदरता की याद दिलाती है, जीवन की लपटों के शांत होने के बाद जो बचता है उस पर विचार करने का आग्रह करती है।