Meaning of

राख़

raakh • راخ

राख; अवशेष; बचा हुआ

ash; remains; residue

راکھ; باقیات; بچا ہوا

Persian

कैसे आकाश में सूराख़ नहीं हो सकता एक पत्थर तो तबीअ'त से उछालो यारो — Dushyant Kumar
तुम्हारे आने की उम्मीद बर नहीं आती मैं राख होने लगा हूँ दिए जलाते हुए — Azhar Iqbal
फिर नए साल की सरहद पे खड़े हैं हम लोग राख हो जाएगा ये साल भी हैरत कैसी — Aziz Nabeel
गुलशन से कोई फूल मुयस्सर न जब हुआ तितली ने राखी बाँध दी काँटे की नोक पर — Unknown
मैं ने तो यूँँही राख में फेरी थीं उँगलियाँ देखा जो ग़ौर से तिरी तस्वीर बन गई — Saleem Betab
किसी के ज़ख़्म पर चाहत से पट्टी कौन बाँधेगा अगर बहनें नहीं होंगी तो राखी कौन बाँधेगा — Munawwar Rana
जला है जिस्म जहाँ दिल भी जल गया होगा कुरेदते हो जो अब राख जुस्तजू क्या है — Mirza Ghalib
बिजली की तरह लचक रहे हैं लच्छे भाई के है बांधी चमकती राखी — Firaq Gorakhpuri
पिछले बरस भी हम ने कलाई सजाई थी राखी के धागे आज भी कच्चे नहीं पड़े — Aalok Shrivastav

मूल रूप में 'राख' जलने के बाद बची हुई चीज़ को दर्शाता है, जो कभी था उसका प्रतीक है। कविता में यह हानि, परिवर्तन और जीवन की क्षणभंगुरता के विषयों को उभारता है।

'राख' का उपयोग कवि अक्सर जुनून या विनाश के बाद के परिणाम को दर्शाने के लिए करते हैं। यह एक संबंध के अंत या कभी जीवंत जीवन के अवशेषों का प्रतीक हो सकता है।

राख हमें अस्तित्व की क्षणभंगुर सुंदरता की याद दिलाती है, जीवन की लपटों के शांत होने के बाद जो बचता है उस पर विचार करने का आग्रह करती है।