Meaning of

रिवाज़-ए-ग़म

rivaz-e-gham • رواج غم

दुःख की परंपरा; शोक की रिवाज

custom of sorrow; tradition of grief

غم کی روایت; غم کی رسم

Persian

तू तो वाक़िफ़ है रिवाज़-ए-ग़म से इस के इश्क़ तो तेरा भी ये पहला नहीं है — Siddharth Saaz

रिवाज़-ए-ग़म दुःख की विरासत को दर्शाता है, यह सुझाव देते हुए कि शोक एक साझा मानव अनुभव है जो पीढ़ियों के माध्यम से पारित होता है। कविता में, यह मानव पीड़ा की कालातीतता और सार्वभौमिकता को पकड़ता है।

कवि 'रिवाज़-ए-ग़म' का उपयोग समय के साथ दुःख की निरंतरता का पता लगाने के लिए करते हैं। यह अक्सर इस पर विचार करता है कि कैसे शोक मानव जीवन के ताने-बाने में बुना गया है, व्यक्तिगत अनुभवों से परे।

रिवाज़-ए-ग़म मानव दुःख की साझा विरासत की एक मार्मिक याद दिलाता है।