Meaning of

रुख़सत

rukhsat • رخصت

विदा; विदाई

departure; farewell

رخصتی; وداع

Arabic

उस को देखने की बस मुझ को आदत है
सुन लो हर-पल उस की मेरी ज़रूरत है

मुश्किल है उस को दिल से रुख़्सत करना
'दानिश' वो बचपन की मेरी मुहब्बत है

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वो दुल्हन बन के रुख़्सत हो गई है
कहाँ तक कार का पीछा करोगे?

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रेल की सीटी में कैसे हिज्र की तम्हीद थी
उस को रुख़्सत कर के घर लौटे तो अंदाज़ा हुआ

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उस को रुख़्सत तो किया था मुझे मालूम न था
सारा घर ले गया घर छोड़ के जाने वाला

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वक़्त-ए-रुख़्सत आब-दीदा आप क्यूँँ हैं
जिस्म से तो जाँ हमारी जा रही है

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आप क्या आए कि रुख़्सत सब अंधेरे हो गए
इस क़दर घर में कभी भी रौशनी देखी न थी

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मैं ने चाहा भी कि फिर इस संग-दिल पे फूल उगे
पर तुम्हारी रुख़्सती के बा'द ये होता नहीं

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इस क़दर था खटमलों का चारपाई में हुजूम
वस्ल का दिल से मिरे अरमान रुख़्सत हो गया

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एक लम्हा लौट कर आया नहीं
ये बरस भी राएगाँ रुख़्सत हुआ

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तेरा रुख़सत होना अब भी बाक़ी है
तेरी ख़ुशबू परछाईं से आती है

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उस को देखने की बस मुझ को आदत है
सुन लो हर-पल उस की मेरी ज़रूरत है

मुश्किल है उस को दिल से रुख़्सत करना
'दानिश' वो बचपन की मेरी मुहब्बत है

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वो दुल्हन बन के रुख़्सत हो गई है
कहाँ तक कार का पीछा करोगे?

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मूल रूप में 'रुख़सत' का अर्थ शारीरिक विदा है, एक पल जब कोई जाता है। कविता में, यह अक्सर भावनात्मक विदाई में बदल जाता है, एक मार्मिक जुदाई जो दिल में बनी रहती है।

'रुख़सत' का उपयोग कवि विदाई के दुःख को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह एक संबंध के अंत, प्रियजन की विदाई, या सपनों के धुंधलाने का प्रतीक हो सकता है।

'रुख़सत' अनकहे शब्दों और अधूरी वादों का भार लिए हुए है। यह जीवन की क्षणभंगुरता की कोमल याद दिलाता है।