Meaning of

रुख़-ए-नूरानी

rukh-e-noorani • رخ نورانی

दीप्तिमान चेहरा; प्रकाशमान मुख

radiant face; luminous visage

روشن چہرہ; نورانی صورت

Persian

तुर्रा-ए-काकुल-ए-पेचाँ रुख़-ए-नूरानी पर चश्मा-ए-आईना में साँप सा लहराता है — Miyan Dad Khan Sayyah

यह वाक्यांश एक ऐसे चेहरे की छवि प्रस्तुत करता है जो आंतरिक प्रकाश से दमकता है, पवित्रता और दिव्यता का संकेत देता है। कविता में, यह अक्सर एक प्रिय का प्रतीक होता है जिसकी उपस्थिति उसके चारों ओर की दुनिया को आलोकित करती है।

कवियों द्वारा इस वाक्यांश का उपयोग प्रिय के चेहरे का वर्णन करने के लिए किया जाता है, अक्सर इसे चंद्रमा या दिव्य प्रकाश के स्रोत से तुलना की जाती है। यह प्रशंसा और श्रद्धा व्यक्त करता है।

यह वाक्यांश उस सौंदर्य का सार पकड़ता है जो भौतिक से परे है, आध्यात्मिक क्षेत्र को छूता है।